परिवर्तन
पिछले 20 वर्ष में सरकारी नौकरी का महत्व 75% घट गया है, क्योंकि सरकारी और निजी लगभग एक समान हो चुका है.. थोड़ा बहुत अंतर बचा है.. अब अगले 5 साल में 25% महत्व भी खत्म होगा.. (यहां मेरा मतलब सरकारी पद खत्म होने से नहीं है, सरकारी नौकरी का महत्व खत्म होने से है..)
आज टेक्नोलॉजी का विस्तार तेजी से हो रहा है, मान लीजिए कल सरकार को किसी दूर दराज के गांव में एक बैंक का ऑफिस खोलने की आवश्यकता थी, यदि ऑफिस खुलता तो 10 लोगों को सरकारी नौकरी मिलती.. अब टेक्नोलॉजी के कारण सरकार को बैंक खोलने की जरूरत नहीं है.. घर बैठे ऑनलाइन अकाउंट खुलेगा, डिजिटल पेमेंट से लेन देन होगा.. इस तरह टेक्नोलॉजी ने 10 सरकारी नौकरी खत्म कर दी..
यही वजह है की मोदी सरकार स्किल इंडिया पर जोर दे रही है, क्योंकि आने वाले समय में आपका स्किल ही आपको रोजगार की गारंटी देगा..
टेक्नोलॉजी ऑफिस कल्चर खत्म कर ही रही है, आज निजी क्षेत्रों में वर्क फ्रॉम होम होने लगा है.. एक न एक दिन अधिकांश ऑफिस कल्चर खत्म हो जायेगा.. सरकार को बस गिने चुने पदों पर भर्ती की आवश्यकता रहेगी जो कंप्यूटर/मोबाइल पर घर बैठकर केवल डाटा फीड करेंगे, फाइलें इधर उधर करेंगे.. डिजिटल सिग्नेचर वाला कांसेप्ट आ ही चुका है.. आज बैंक अकाउंट, DMAT अकाउंट घर बैठे ऑनलाइन खुल रहे हैं..
कब तक सरकारी नौकरी का रोना रोएंगे ? मैं ये नहीं कह रहा की सरकारी नौकरी खराब है, मिल गई तो अच्छी बात है, नहीं मिली तब क्या ? इसलिए आज समय की मांग है की युवा अपनी स्किल पहचानें, स्किल डेवलप करें.. जो वर्तमान और भविष्य में काम आयेगी..
एक न एक दिन ये सरकारी नौकरी वाला टंटा खत्म होगा.. तब ये स्किल ही काम आयेगी.. केवल 4G टेक्नोलॉजी इतने क्रांतिकारी बदलाव कर चुकी है जिसे हम सबने कोरोना काल में देखा है, 5G टेक्नोलॉजी तो 100 गुना तेज है.. हर चीज रियल टाइम रिमोट पर एक्सेस होगी।
Bilkul sahi
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