महापराक्रमी बाजीराव पेशवा
महापराक्रमी बाजीराव पेशवा पेशवा बाजीराव को पढ़ रहा हूँ। आश्चर्य हो रहा है कि इतने बड़े योद्धा के बारे में हम कितना कम जानते हैं। अतिशयोक्ति लगेगी, पर पिछले दो हजार वर्षों में भगवा भारत का सबसे बड़ा नक्शा उसी योद्धा ने बनाया था। ईसा के बाद हिन्दुओं का सबसे बड़ा साम्राज्य उसी के समय खड़ा हुआ। भारत के सफलतम योद्धाओं में से एक, जिनके लिए इतिहास के पन्नो में कम स्थान होने के बावजूद यह पीड़ा अवश्य झलक जाती है कि "वे बीस वर्ष और जी गए होते तो भारत का इतिहास कुछ और होता.." एक योद्धा, जो अपनी तलवार से स्वाभिमान का इतिहास लिखता था। एक लड़ाका, जो अपनी पीठ पर धर्म का ध्वज बांध कर चलता था। एक कूटनीतिज्ञ, जिसने अपनी समस्त आयु शिवाजी महाराज के स्वप्नों को साकार करने में झोंक दी। उसका अश्व अपनी टापों से शत्रुओं के अहंकार को रौंदते हुए दौड़ता था। उसकी तलवार सर्पिणी की जिह्वा सी लपलपाती हुई मृत्यु का उत्सव मनाती थी। हर हर महादेव के पवित्र उद्घोष के साथ वह जब भी युद्धभूमि की ओर निकला तो विजयी हो कर लौटा। जैसे युद्ध की देवी को प्रसन्न कर लिया था उसने... ...